अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा भारत के लिए चिंता का विषय नहीं है: पूर्व राजनयिक

बेंगलुरु,17अगस्त(भाषा)एकपूर्वराजनयिकनेमंगलवारकोकहाकिअफगानिस्तानपरतालिबानकाकब्जाभारतकेलिएचिंताकाविषयनहींहै।सऊदीअरब,ओमानऔरसंयुक्तअरबअमीरात(यूएई)मेंभारतीयराजदूतरहचुकेतल्मिजअहमदनेकहाकिवर्तमानमेंअफगानिस्तानमेंभारतकीकोईभूमिकानहींहैऔरइससुझावकोखारिजकरदियाकिभारतकोतालिबानकेसाथजुड़नाचाहिए।उन्होंनेकुछलोगोंकेउनविचारोंको‘‘बिल्कुलव्यर्थ’’करारदियाकिअगरतालिबानअफगानिस्तानपरपूर्णनियंत्रणहासिलकरलेताहैतोभारत‘‘खतरेमें’’पड़जाएगा।अहमदनेएकटेलीफोनपरदियेसाक्षात्कारमें‘पीटीआई-भाषा’सेकहा,‘‘तालिबानएकराष्ट्रीयआंदोलनहैऔरवेअफगानिस्तानकोनियंत्रितकरनाचाहतेहैंलेकिनअफगानिस्तानकेबाहरउनकीकोईदिलचस्पीनहींहै।’’उन्होंनेकहाकिवहपाकिस्तानहैजो30सेअधिकवर्षोंसेभारतमेंचरमपंथियोंकीआवाजाहीपरबहुतकड़ानियंत्रणरखताहैऔरऐसाकरनाजारीरखेहुएहै।अहमदनेकहा,‘‘मुझेऐसानहींलगताकिस्थितिकेवलइसलिएबदलरहीहैक्योंकिअफगानिस्तानमेंतालिबानकानियंत्रणहै।’’उन्होंनेकहाकिअलकायदाऔरइस्लामिकस्टेट(आईएस)कीभारतमें‘‘कोईभूमिकानहीं’’है।अहमदनेकहा,‘‘इसलिए,मुझेविश्वासनहींहैकिभारतमेंचरमपंथीगतिविधियांबढ़नेकेसंदर्भमेंकोईप्रभावपड़ेगा।’’उन्होंनेकहाकिअफगानिस्तानकेचरमपंथियोंकीशरणस्थलीबननेकीस्थितिमेंयहभारतकेलिएनहींबल्किपाकिस्तान,चीन,रूसऔरमध्यएशियाईगणराज्योंकेलिएखतरापैदाकरेगा।उन्होंनेकहाकिऐसाइसलिएहैक्योंकिइनसभीदेशोंकीअफगानिस्तान(मध्यएशियाईगणराज्योंकेमाध्यमसेरूस)केसाथसीमाहैऔरएक‘‘अशांतऔरअसंतुष्ट’’आबादीहै।उन्होंनेकहा,‘‘भारतकोचिंताकरनेकीआवश्यकतानहींहै,बल्किइनदेशोंकोचिंताकरनेकीजरूरतहै।यहीकारणहैकिरूसऔरचीनतालिबानकेसाथजुड़नेकीजल्दबाजीकररहेहैंक्योंकिवेइससंबंधमेंबेहदकमजोरहैं।’’अहमदनेकहाकिपाकिस्तानकोअफगानिस्तानकेसाथअपनीसीमाऔरलोगोंकीमुक्तआवाजाहीकेकारणचिंतितहोनापड़ताहै।उन्होंनेकहाकिपाकिस्तानमेंहीचरमपंथीतत्वहैं,जिनकेअफगानिस्तानमेंअपनेसमकक्षोंकेसाथसंबंधहैं।उन्होंनेकहाकिवर्तमानमेंअफगानिस्तानमेंभारतकेलिएकोईस्थानयाभूमिकानहींहै।उन्होंनेकहा,‘‘हमकाबुलशासनकेलिएपूरीतरहप्रतिबद्धथे।हमनेराष्ट्रीयविकासऔरकल्याणसेसंबंधितपरियोजनाओंकेसाथउनकेहाथमजबूतकरनेकाप्रयासकिया,लेकिनहमारेपासशासनकोमजबूतकरनेकेलिएकोईअन्यसाधनउपलब्धनहींथा।’’अहमदनेकहाकिअफगानिस्तानबहुतलंबेसमयतकउथल-पुथलऔरअनिश्चितताकासामनाकरनेवालाहै।