अधिक व्यवस्थित चीन-भारत संबंध के लिए बहुध्रुवीयता, पारस्परिकता की व्यापक स्वीकृति महत्वपूर्ण:जयशंकर

नयीदिल्ली,13सितम्बर(भाषा)विदेशमंत्रीएसजयशंकरनेकहाहैकिचीनऔरभारतकेबीचकहींअधिकव्यवस्थितऔरमजबूतसंबंधोंकेलिएदोनोंदेशोंद्वाराबहुध्रुवीयताऔरपारस्परिकताकीव्यापकस्वीकृतिमहत्वपूर्णहै।साथही,यहवैश्विकपुनर्संतुलनकीवृहदबुनियादपरनिर्मितहोनाचाहिए।हालहीमेंजारीअपनीपुस्तक‘‘दइंडियावे:स्ट्रेटेजीजफॉरएअनर्सेटेनवर्ल्ड’’मेंउन्होंनेकहाहैकिभारतकोईएकमात्रदेशनहींहै,जोचीनकेसाथसंबंधपरज्यादाध्यानदेरहाहैबल्किपूरीदुनियाऐसाकररहीहैऔरप्रत्येकदेशबातचीतकेनियमऔरशर्तोंकोअपनेहिसाबसेफिरसेतयकररहाहै।विदेशमंत्रीनेयहपुस्तकमईमेंपूर्वीलद्दाखक्षेत्रमेंसैन्यगतिरोधसेपहलेलिखीथी।इसपुस्तककोहार्परकॉलिन्सइंडियाप्रकाशननेप्रकाशितकियाहै।जयशंकरनेलिखाहै,‘‘यदिसामान्यदृष्टिकोणहैतोआंतरिकरूपसेक्षमताओंकोमजबूतकरनेऔरबाहरीपरिदृश्यकाआकलनकरतेहुएचीनकेसाथसमझबनाईजासकतीहै।इसपूरीकवायदमेंभारतअपनेआकार,स्थान,क्षमता,इतिहासऔरसंस्कृतिकेआधारपरएकविशेषस्थानहासिलकरलेगा।’’विदेशमंत्रीकेअनुसारनवम्बर1950मेंसरदारपटेलऔरजवाहरलालनेहरूद्वाराचीनसेसंपर्ककरनेकेतरीकेपरविचार-विमर्शकियेजानेकेबादसेबहुतकुछबदलगयाहै।उन्होंनेकहा,‘‘विश्वकीघटनाएंनकेवलचीनकेसमग्ररवैये,बल्किभारतकेप्रतिउसकेविशिष्टव्यवहारकोनिर्धारितकरतीहैं।फिलहाल,भारतकेलिएआवश्यकहैकिवहइसबड़ीतस्वीरकीनिरंतरनिगरानीकरेक्योंकियहउसकेचीनकेसाथसंबंधोंकोपरखनेकाकामकरताहै।’’जयशंकरनेकहाकिहिंद-प्रशांतक्षेत्रकाभविष्यनिरंतरआधारपरबातचीतकरनेवालीताकतोंकीजटिलश्रेणीमेंहै।उन्होंनेकहा,‘‘भारतकेलिए,चीनकेसाथउसकेसंबंधऔरपश्चिमीदेशोंकेसाथउसकीसाझेदारीएकमहत्वपूर्णतत्वहोगा।रूसकेसाथनयीसंभावनाएंतलाशीजासकतीहैं।जापान,आसियानऔरऑस्ट्रेलियाकेसाथसंबंधोंकेलिएहिंद-प्रशांतक्षेत्रकामहत्वस्पष्टरूपसेकमनहींआंकाजासकताहै।’’कोविड-19केबादजनजीवनपरउन्होंनेकहाकिभारतभीकोरोनावायरसकाप्रकोपबढ़नेपरवैश्विकमाहौलमेंव्यापकप्रवृत्तियोंकेजरियेखुदकोढालेगा।