अच्छे व्यवहार से जीतें बुरे पड़ोसी का दिल

जागरणसंवाददाता,रेवाड़ी:ब्रह्मकुमाररमेशभाईनेकहाकिपड़ोसीअच्छायाबुराहोसकताहै,लेकिनजहांपरबुराईहैउसेबुराईसेदूरकरनेकीबजायअच्छाईकारास्ताअपनाएं।अच्छेव्यवहारसेपड़ोसीकादिलजीतें।पड़ोसीक्रोधकरेगाऔरआपबदलेमेंविनम्ररहेंगेतोउन्हेंबदलनाहीहोगा।सत्यवविनम्रताकीशक्तिमेंबहुतबलहै।

रमेशभाईब्रह्मकुमारीकेंद्रपरिसरमेंश्रद्धालुओंकामार्गदर्शनकरनेमाउंटआबूसेयहांपहुंचेहैं।उन्होंनेकहाकिसत्संगकाअर्थजीवनकोसत्यकेपथपरआगेबढ़ानाहै।उन्होंनेकहाकिपरिवारमेंभीविनम्ररहेंऔरमाता-पिताकाआदरकरें।उन्होंनेकहाकिसेवासेबड़ाकुछभीनहींहै।हमेंहरसमयदूसरोंकीमददकेलिएतत्पररहनाचाहिए।जबमनमेंसेवाभावहोगातोजीवनअपनेआमसफलहोगा।उन्होंनेशिवबाबाकीशक्तिसेसंबंधितआध्यात्मकेगूढ़रहस्योंपरभीसरलशब्दोंमेंप्रकाशडाला।इसअवसरपरब्रह्मकुमारबहनकमलेशवअन्यगणमान्यलोगमौजूदथे।