आयुर्वेद में भी इमरजेंसी मैनेजमेंट संभव : प्रोफेसर तिवारी

पीलीभीत:ललितहरिराजकीयआयुर्वेदिककॉलेजमेंएडवांसमेंटइनआयुर्वेदडॉयग्नोसिसएंडमैनेजमेंटविषयपरहुईकार्यशालामेंमुख्यअतिथिप्राचार्यप्रोफेसरराकेशकुमारतिवारीनेकहाकिइमरजेंसीमैनेजमेंटआयुर्वेदमेंभीसंभवहै।उन्होंनेचिकित्सकोंकोसलाहदीकिनईडॉयग्नोसिसतकनीककाइस्तेमालतोकरेंलेकिनट्रीटमेंटआयुर्वेदसेहीकरनाबेहतररहेगा।

सोमवारकोरोगनिदानपरिषदकीओरसेहुईकार्यशालामेंप्रोफेसरतिवारीनेआयुर्वेदचिकित्साकीविशेषतावआवश्यकतापरजोरदिया।उन्होंनेबतायाकिमधुमेहकेरोगीकीकिसप्रकारसेचिकित्साकरनीचाहिए।आजकेआयुर्वेदचिकित्सकउसमूलभूतनियमकोनहींसमझपाते,जोचरकनेबताया।बल्किहैरिसननेउसेडाइटएवंन्यूट्रिशनथेरेपीकेनामसेबतादिया।उन्होंनेबतायाकिभलेहीहमव्याधिकानामकरणनकरपाएं।आयुर्वेदकेसिद्धांतोंपरहीउसव्याधिकेदोष,दूषियोंकीचिकित्साकरनीचाहिए।मुख्यवक्तागुड़गांवसेआएडॉअभिषेकगुप्तानेआयुर्वेदकीअंतरराष्ट्रीयमांगकेबारेमेंबताया।उन्होंनेकहाकिआजशुद्धआयुर्वेदचिकित्साकरकेभीचिकित्सकलाखोंरुपयेप्रतिमाहकीआयकरतेहैं।उन्होंनेइमरजेंसीमेंभीआयुर्वेदचिकित्साकेउपयोगकोउदाहरणसहितबताया।डॉशिप्राअग्रवालनेआयुर्वेदमेंवर्णितआधुनिकतरीकोंकोउदाहरणसहितसमझाया।टनकपुरसेआएमर्मचिकित्साकेट्रेनरवप्रसिद्धआयुर्वेदविशेषज्ञडॉमोहम्मदशाहिदनेमर्मचिकित्साकेबारेमेंविस्तारसेबताया।कार्यक्रमकेआयोजकडॉअतुलवाष्र्णेयविभागाध्यक्षरोगनिदानविभागनेबतायाकिटेक्नोलॉजीकेप्रयोगसेअपनीचिकित्साकोकईगुणाबड़ासकतेहैं।नाड़ीतरंगणीआदिकईनएउपकरणआजबाजारमेंउपलब्धहैं।उन्होंनेबतायाकिआयुर्वेदमेंस्वस्थव्यक्तिकेस्वास्थ्यकीरक्षाकरनेपरचिकित्सासेज्यादाजोरदियाजाताहै।यदिआयुर्वेदमेंवर्णितदिनचर्या,वऋतुचर्यावयोगकाअभ्यासकरें,तोकिसीभीबीमारीसेबचेरहसकतेहैं।सेमिनारमेंडॉनरेंद्रदीक्षित,डॉवीरेंद्रश्रीवास्तव,डॉअलका,डॉविनीतावबरेलीसेडॉरामबाबूप्रमुखतासेउपस्थितरहे।बरेलीकेतीनोंआयुर्वेदिककॉलेजकेविद्यार्थियोंकेसाथमहाविद्यालयकेसभीस्नातकवस्नातकोत्तरविद्यार्थियोंकेसाथसभीअध्यापकवटेक्नीशियनउपस्थितरहे।